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    भारतीय राजनीतिक चिंतन में भारतीय क्या है?

    हिंदू राजनीतिक विकास By:- Benoy Kumar Sarkar चौथी शताब्दी के तीसरे दशक से 12वीं शताब्दी के अंत तक भारत का इतिहास पंद्रह सौ वर्षो के लिए राजनीतिक सचेतन, साहित्यिक, तथा वैज्ञानिक विकास विस्तार का इतिहास रहा है।  तेरहवीं शताब्दी से भारत को बाहरी विश्वास को अपनाना पड़ा (इस्लाम), परंतु वहां कोई मोहम्मददीन काल भारत में…

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    दलीय व्यवस्था (Party System)

    परिचय आधुनिक प्रतिनिधिक लोकतंत्र में दलीय व्यवस्था राजनीतिक जीवन की केंद्रीय संरचना होती है। राजनीतिक दल समाज और राज्य के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाते हैं तथा सामाजिक हितों को राजनीतिक मांगों और नीतिगत विकल्पों में परिवर्तित करते हैं। बिना सुदृढ़ दलीय व्यवस्था के लोकतंत्र न तो स्थिर रह सकता है और न ही उत्तरदायी…

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    मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993

    (Protection of Human Rights Act, 1993)भारत मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 भारत में मानव अधिकारों के संस्थानीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण क़दम है। यह अधिनियम मानव अधिकारों के संवर्धन, संरक्षण और प्रवर्तन के लिए एक वैधानिक ढाँचा प्रदान करता है और संविधान में निहित मौलिक अधिकारों तथा नीति-निर्देशक तत्वों का पूरक है। इसके माध्यम…

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    मानवतावादी विद्यालय (Humanist School): एल्टन मेयो

    भूमिका (Introduction) 20वीं सदी के प्रारंभिक दशकों में औद्योगिक संगठन और प्रशासन पर यांत्रिक और विज्ञान-केंद्रित दृष्टिकोण का प्रभुत्व था। हालांकि, इस संरचनात्मक और दक्षता-केंद्रित दृष्टिकोण ने मानव व्यवहार और सामाजिक संबंधों को अक्सर नजरअंदाज किया। इसी शून्य को भरने के लिए Humanist School of Management उभरा, जिसके प्रमुख विचारक थे एल्टन मेयो (Elton Mayo,…

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    गठबंधन राजनीति

    (Coalition Politics) गठबंधन राजनीति उस राजनीतिक व्यवस्था को दर्शाती है जिसमें दो या अधिक राजनीतिक दल मिलकर सरकार का गठन करते हैं, प्रायः इसलिए कि कोई भी एक दल विधायिका में स्पष्ट बहुमत प्राप्त नहीं कर पाता। यह राजनीति विशेष रूप से बहुदलीय लोकतंत्रों में उभरती है, जहाँ सामाजिक विविधता, क्षेत्रीय अस्मिताएँ और चुनावी प्रणालियाँ…

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    चुनावी घोषणापत्र (Manifestoes)

    चुनावी घोषणापत्र लोकतांत्रिक राजनीति के सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज़ों में से एक होते हैं। ये राजनीतिक दलों द्वारा चुनाव से पूर्व जारी किए जाने वाले औपचारिक दस्तावेज़ होते हैं, जिनमें दल अपनी वैचारिक दिशा, नीतिगत प्राथमिकताएँ और शासन संबंधी वादे जनता के समक्ष प्रस्तुत करता है। चुनाव प्रबंधन के संदर्भ में घोषणापत्र केवल प्रचार सामग्री नहीं…