नेतृत्व (Leadership): रेंसिस लिकर्ट और पीटर ड्रकर
भूमिका (Introduction)
नेतृत्व प्रशासनिक सिद्धांत और संगठनात्मक प्रभावशीलता का मुख्य आयाम है, जो निर्णय-निर्माण, संगठनात्मक संस्कृति और प्रदर्शन के परिणामों को आकार देता है। आधुनिक प्रशासनिक विचारकों में रेंसिस लिकर्ट (1903–1981) और पीटर ड्रकर (1909–2005) नेतृत्व की समझ को व्यवहार और रणनीतिक दृष्टिकोण से विकसित करने वाले प्रमुख विद्वान हैं।

जहां क्लासिकल थ्योरिस्ट जैसे फेयोल और वेबर पदानुक्रम और संरचना पर जोर देते थे, लिकर्ट और ड्रकर ने सहभागी प्रथाओं, मानव प्रेरणा और परिणाम-केंद्रित प्रबंधन को महत्व दिया।
ये दोनों विद्वान नेतृत्व के अध्ययन को सैद्धांतिक आदर्शों से क्रियात्मक ढाँचों तक ले गए, जिसमें मनोविज्ञान, समाजशास्त्र और प्रबंधन विज्ञान के तत्व शामिल हैं।
रेंसिस लिकर्ट और नेतृत्व प्रणाली
लिकर्ट ने चार-प्रणाली नेतृत्व ढांचा विकसित किया, जो संगठनात्मक व्यवहार और प्रबंधकीय प्रभावशीलता का विश्लेषण करता है। उन्होंने तर्क दिया कि नेतृत्व शैली कर्मचारी प्रेरणा, संचार और उत्पादकता को सीधे प्रभावित करती है।
लिकर्ट की चार नेतृत्व प्रणालियाँ:
- Exploitative-Authoritative (उत्पीड़नकारी-प्राधिकृत)
- उच्च नियंत्रण, डर पर आधारित प्रेरणा, सीमित संचार।
- कर्मचारी निर्णय-निर्माण में न्यूनतम भाग लेते हैं।
- Benevolent-Authoritative (दयालु-प्राधिकृत)
- पुरस्कार और सीमित परामर्श, लेकिन पदानुक्रम आधारित निर्णय जारी।
- कर्मचारियों की प्रेरणा पुरस्कार और संरक्षात्मक निगरानी से होती है।
- Consultative (परामर्शात्मक)
- प्रबंधक कर्मचारियों से परामर्श करते हैं और उनकी राय का महत्व देते हैं।
- भागीदारी से मनोबल और कार्यकुशलता बढ़ती है।
- Participative-Group (सहभागी-समूह)
- उच्च विश्वास, व्यापक भागीदारी और साझा निर्णय-निर्माण।
- मजबूत समूह-सम्मिलन और प्रतिबद्धता उच्च प्रदर्शन को जन्म देती है।
लिकर्ट ने कहा:
“The performance of an organization is a direct reflection of the quality of its leadership system.”
“किसी संगठन का प्रदर्शन उसके नेतृत्व प्रणाली की गुणवत्ता का सीधा प्रतिबिंब है।”
उनके शोध, विशेषकर University of Michigan और American Institute for Research में, यह दर्शाते हैं कि सहभागी और सहयोगी नेतृत्व संगठनात्मक प्रभावशीलता से घनिष्ठ रूप से जुड़ा है।
पीटर ड्रकर और उद्देश्यानुसार प्रबंधन (Management by Objectives)
पीटर ड्रकर, जिन्हें आधुनिक प्रबंधन का जनक कहा जाता है, ने नेतृत्व को रणनीतिक कार्य के रूप में देखा, जो संगठनात्मक उद्देश्यों और व्यक्तिगत जिम्मेदारी को जोड़ता है।
मुख्य योगदान:
- Management by Objectives (MBO): नेता लक्ष्यों को उपनिष्ठ कर्मचारियों के साथ मिलकर निर्धारित करते हैं, जिससे संरेखण, जवाबदेही और मापन योग्य प्रदर्शन सुनिश्चित होता है।
- परिणाम-केंद्रित नेतृत्व: केवल प्रक्रिया या पदाधिकार पर नहीं, बल्कि परिणामों पर जोर।
- मानव-केंद्रित दृष्टिकोण: नेतृत्व कर्मचारियों की क्षमताओं को समझने और उनका सदुपयोग करने पर आधारित।
- विकेंद्रीकरण और सशक्तिकरण: प्रभावी नेता अधिकार वितरित करते हैं और कर्मचारियों को निर्णय लेने के लिए भरोसा देते हैं।
ड्रकर ने कहा:
“Effective leadership is not about making speeches or being liked; it is defined by results, by performance, by the ability to get things done through people.”
“प्रभावी नेतृत्व भाषण देने या लोकप्रिय होने में नहीं है; यह परिणाम, प्रदर्शन और लोगों के माध्यम से कार्य संपन्न करने की क्षमता से मापा जाता है।”
तुलनात्मक दृष्टि
| पहलु | रेंसिस लिकर्ट | पीटर ड्रकर |
|---|---|---|
| फोकस | नेतृत्व शैली और संगठनात्मक व्यवहार | रणनीतिक प्रबंधन और परिणाम-केंद्रित नेतृत्व |
| दृष्टिकोण | व्यवहार-केंद्रित, सहभागिता और विश्वास | लक्ष्य-निर्धारण, जवाबदेही, सशक्तिकरण |
| अनुप्रयोग | कर्मचारी प्रेरणा, समूह सामंजस्य | संगठनात्मक प्रदर्शन, नवाचार, प्रबंधन अभ्यास |
| मुख्य विचार | सहभागिता नेतृत्व प्रभावशीलता बढ़ाता है | नेतृत्व मापन योग्य परिणाम और लोगों के विकास से परिभाषित होता है |
लिकर्ट नेताओं और अनुयायियों के बीच व्यवहारिक अंतःक्रिया पर जोर देते हैं, जबकि ड्रकर उद्देश्यों के संरेखण और मापनीय परिणाम पर ध्यान केंद्रित करते हैं। इन दोनों दृष्टिकोणों का संयोजन व्यापक और समग्र नेतृत्व समझ प्रदान करता है।
आलोचना (Criticisms)
- लिकर्ट की प्रणाली आदर्शीकृत मानी जाती है और श्रेणीबद्ध प्रगति की अपेक्षा करती है।
- ड्रकर का MBO केवल मापन योग्य उद्देश्यों पर जोर देता है, जिससे संगठनात्मक संस्कृति और गुणात्मक पहलुओं की उपेक्षा हो सकती है।
- दोनों मॉडल सांस्कृतिक विविधता या कठोर पदानुक्रम वाले संगठन में अनुकूलन की मांग करते हैं।
फिर भी, दोनों के सिद्धांत आधुनिक नेतृत्व अध्ययन, HRM और संगठनात्मक विकास के लिए केंद्रीय हैं।
समकालीन प्रासंगिकता (Contemporary Relevance)
- मानव संसाधन प्रबंधन (HRM): लिकर्ट की सहभागिता सिद्धांत कर्मचारी संलग्नता और टीम-आधारित प्रबंधन में लागू।
- रणनीतिक योजना और प्रदर्शन प्रबंधन: ड्रकर का MBO लक्ष्य-संरेखण, KPI निर्धारण और जवाबदेही में उपयोगी।
- नेतृत्व विकास: व्यवहारिक और रणनीतिक दृष्टिकोण का संयोजन नेतृत्व क्षमता को बढ़ाता है।
- संगठनात्मक संस्कृति: विश्वास, सहभागिता और स्पष्ट लक्ष्य प्रभावी नेतृत्व के आधार हैं।
आधुनिक प्रशासन में लिकर्ट की सहभागिता शैली और ड्रकर की परिणाम-केंद्रित रणनीति एकीकृत रूप से लागू होती हैं, जिससे अनुकूल, दक्ष और मानव-केंद्रित संगठन बनते हैं।
निष्कर्ष (Conclusion)
रेंसिस लिकर्ट और पीटर ड्रकर ने नेतृत्व अध्ययन और अभ्यास में गहरा प्रभाव डाला है। लिकर्ट का व्यवहारिक और सहभागिता-केंद्रित ढांचा विश्वास, संचार और प्रेरणा को महत्व देता है, जबकि ड्रकर का रणनीतिक और परिणाम-केंद्रित दृष्टिकोण लक्ष्य संरेखण, जवाबदेही और सशक्तिकरण पर जोर देता है। इन दोनों का संयोजन मानव व्यवहार, संगठनात्मक संस्कृति और मापनीय प्रदर्शन को जोड़कर समग्र नेतृत्व की समझ प्रदान करता है।
References / Suggested Readings
- Rensis Likert – The Human Organization: Its Management and Value (1967)
- Rensis Likert – New Patterns of Management (1961)
- Peter Drucker – The Practice of Management (1954)
- Peter Drucker – Management: Tasks, Responsibilities, Practices (1973)
- Nicholas Henry – Public Administration and Public Affairs
- Fadia & Fadia – Public Administration
- Prasad & Prasad – Administrative Thinkers
FAQs
Q1. लिकर्ट की चार नेतृत्व प्रणालियाँ क्या हैं?
Exploitative-Authoritative, Benevolent-Authoritative, Consultative और Participative-Group, जो सहभागिता, विश्वास और संचार के स्तर को दर्शाती हैं।
Q2. MBO (Management by Objectives) क्या है?
यह ड्रकर का नेतृत्व दृष्टिकोण है, जिसमें लक्ष्य साझा रूप से निर्धारित होते हैं, प्रदर्शन का मूल्यांकन उद्देश्यों के आधार पर किया जाता है, और जवाबदेही साझा होती है।
Q3. लिकर्ट और ड्रकर आज क्यों प्रासंगिक हैं?
उनके सिद्धांत नेतृत्व विकास, संगठनात्मक व्यवहार, कर्मचारी प्रेरणा और प्रदर्शन प्रबंधन के लिए आधुनिक प्रशासन और प्रबंधन की नींव हैं।