समकालीन सरोकार, अंतर्विरोध और बहसें
बी. आर. आंबेडकर की प्रासंगिकता समकालीन भारत में केवल ऐतिहासिक स्मरण तक सीमित नहीं है। आंबेडकर के विचार आज भी लोकतंत्र, सामाजिक न्याय, जाति, धर्म, राष्ट्रवाद, लैंगिक समानता और आर्थिक असमानता से जुड़ी बहसों को गहराई से प्रभावित करते हैं। किंतु आंबेडकर के समकालीन उपयोग के साथ गंभीर अंतर्विरोध और प्रतिस्पर्धी व्याख्याएँ भी जुड़ी हुई…