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    परिचय संघवाद आधुनिक राज्यों में राजनीतिक सत्ता के वितरण, क्षेत्रीय विविधता के प्रबंधन और बहुलतावादी समाजों के समायोजन का एक महत्वपूर्ण संस्थागत ढाँचा है। तुलनात्मक संघवाद विभिन्न देशों में संघीय प्रणालियों का अध्ययन करता है, ताकि यह समझा जा सके कि केंद्र और राज्यों/क्षेत्रों के बीच शक्ति का विभाजन कैसे किया जाता है, ये व्यवस्थाएँ…

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    ओरिएंटलिस्ट [Orientalist] अध्ययन और विवाद

    Orientalist Discourse   By_Ronald Iden orientalist  का ज्ञान जिसे आजकल एक क्षेत्र अध्ययन विशेषज्ञ के रूप में जाना जाता है। यह  तर्कसंगत, तार्किक, वैज्ञानिक, यथार्थवादी, उद्देश्यों के रूप में प्रकट होता है । जबकि orientals का ज्ञान इसके विपरित जिसे अक्सर तर्कहीन, आतार्किक, अवैज्ञानिक, अवास्तविक और व्यक्तिपरकके रूप में देखा जाता है। इसीलिए Orientalist का ज्ञान…

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    असममित संघवाद [Asymmetrical Federalism]

    Asymmetrical Federalism सीधे व साधारण अर्थों में कहें तो असममित संघवाद एक लचीले प्रकार का संघ है जो संविधान में कुछ संघात्मक इकाइयों को विशेष दर्जा प्रदान करता है । इस शब्द को संघीय नीतियों के निर्माण के लिए तैयार किया गया जो संघीय सरकार को विशिष्ट मामलों पर विभिन्न राज्यों के साथ अलग-अलग सौदा…

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    सुरक्षा, निगरानी और अपवाद की अवस्था

    (Security, Surveillance and the State of Exception) सुरक्षा आधुनिक राज्य के सबसे शक्तिशाली संगठनात्मक सिद्धांतों में से एक बन चुकी है। समकालीन राजनीति में राज्य आतंकवाद, अपराध, प्रवासन और अव्यवस्था जैसे खतरों से समाज की रक्षा के नाम पर असाधारण शक्तियों को正 ठहराते हैं। आलोचनात्मक राजनीतिक सिद्धांत का तर्क है कि सुरक्षा कोई तटस्थ या…

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    नव लोक प्रबंधन : New Public Management – NPM

    भूमिका (Introduction) नव लोक प्रबंधन (New Public Management – NPM) 1970 और 1980 के दशक में पारंपरिक नौकरशाही प्रशासन की अक्षमताओं और कठोरताओं के जवाब में उभरा। जहाँ नव लोक प्रशासन (NPA) सामाजिक समानता, नैतिक जिम्मेदारी और लोकतांत्रिक उत्तरदायित्व पर जोर देता था, वहीं NPM ने दक्षता, प्रदर्शन मूल्यांकन, बाज़ार आधारित यंत्र और प्रबंधकीय जवाबदेही…

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    कार्यपालिका (Executive)

    भूमिका कार्यपालिका आधुनिक राज्य की सबसे महत्वपूर्ण और प्रभावशाली संस्थाओं में से एक है। जहाँ विधायिका कानून निर्माण के माध्यम से जन-इच्छा को अभिव्यक्त करती है, वहीं कार्यपालिका उन कानूनों को व्यवहारिक रूप प्रदान करती है। भारत में कार्यपालिका शासन, नीति निर्माण और प्रशासनिक क्रियान्वयन का केंद्रीय माध्यम बन चुकी है और समय के साथ…