विवाद समाधान (Conflict Resolution): मैरी पार्कर फोलेट
भूमिका (Introduction)
संगठनात्मक जीवन और सार्वजनिक प्रशासन में विवाद एक प्राकृतिक तत्व है। पारंपरिक दृष्टिकोण अक्सर विवाद को हानिकारक मानकर दबाने या टालने की सलाह देते थे। मैरी पार्कर फोलेट (1868–1933) ने इस धारणा को चुनौती दी और यह प्रस्तुत किया कि विवाद संरचनात्मक और रचनात्मक शक्ति बन सकता है यदि इसे उचित ढंग से प्रबंधित किया जाए। फोलेट ने यह स्पष्ट किया कि प्रभावी नेतृत्व और प्रशासन विविध हितों के समेकन पर आधारित होना चाहिए, न कि केवल प्रभुत्व या समझौते पर।

फोलेट के योगदान आधुनिक संगठनात्मक सिद्धांत, सहभागी प्रबंधन और विवाद समाधान रणनीतियों के लिए बुनियादी स्तंभ हैं। उनके विचार मनोविज्ञान, समाजशास्त्र और प्रबंधन विज्ञान को जोड़ते हैं और मानव-केंद्रित समाधान प्रस्तुत करते हैं।
फोलेट का विवाद पर दृष्टिकोण
फोलेट का तर्क था कि विवाद स्वाभाविक रूप से नकारात्मक नहीं है, बल्कि इसे नवाचार और विकास के अवसर के रूप में देखा जा सकता है। उन्होंने मुख्य विचार प्रस्तुत किए:
- संरचनात्मक विवाद (Integration of Interests)
- विवाद को दबाने के बजाय इसे विभिन्न दृष्टिकोणों के समेकन के अवसर के रूप में देखना चाहिए।
- लक्ष्य विन-विन समाधान होना चाहिए, जहां सभी पक्षों की मूल आवश्यकताओं को संबोधित किया जाए, न कि केवल सतही समझौते।
- Power-With बनाम Power-Over
- पारंपरिक प्रबंधन अक्सर power-over का उपयोग करता है, अर्थात् आदेश देकर अनुपालन सुनिश्चित करना।
- फोलेट ने power-with की वकालत की, जो सहयोग, साझा अधिकार और संयुक्त समस्या-समाधान पर आधारित है।
- अधिकार और नेतृत्व
- अधिकार पदानुक्रम द्वारा थोपे जाने के बजाय ज्ञान, विशेषज्ञता और हितों के समन्वय की क्षमता से उत्पन्न होना चाहिए।
- नेतृत्व केवल प्रभुत्व नहीं है, बल्कि सामूहिक प्रक्रियाओं को प्रोत्साहित करना और विवादों को सामंजस्यपूर्ण रूप से हल करना है।
फोलेट ने कहा:
“The most successful leader of all is the one who sees another picture not just his own.”
“सफलतम नेता वह है जो केवल अपनी दृष्टि नहीं, बल्कि दूसरों की दृष्टि को भी देख पाता है।”
संगठनात्मक व्यवहार पर प्रभाव
- विवाद को संसाधन के रूप में देखना: यदि विवाद को रचनात्मक रूप से दिशा दी जाए, तो यह नवाचार, सृजनात्मकता और बेहतर निर्णय की दिशा में काम करता है।
- सहभागी प्रबंधन: कर्मचारियों को विचार देने और निर्णय प्रक्रिया में शामिल करने से सक्रियता और प्रतिबद्धता बढ़ती है।
- सहयोगी समस्या-समाधान: प्रशासकों को आधारभूत हितों की पहचान पर ध्यान देना चाहिए, न कि केवल पदों के आधार पर बातचीत।
- मानव-केंद्रित नेतृत्व: नेताओं को सुनना, सहानुभूति और मध्यस्थता की क्षमता विकसित करनी चाहिए।
तुलनात्मक दृष्टि
| पहलु | फोलेट | पारंपरिक / अधिकार आधारित थ्योरिस्ट |
|---|---|---|
| विवाद पर दृष्टिकोण | रचनात्मक, हितों का समेकन | हानिकारक, दबाना या टालना |
| शक्ति की अवधारणा | Power-With, साझा अधिकार | Power-Over, पदानुक्रम आधारित नियंत्रण |
| नेतृत्व | मध्यस्थ, सहभागी, मानव-केंद्रित | आदेशात्मक, पदाधारित |
| अनुप्रयोग | संगठनात्मक व्यवहार, विवाद समाधान, सहभागी प्रबंधन | शीर्ष-नीति प्रशासन, कठोर अनुपालन |
फोलेट का दृष्टिकोण वेबेरियन नौकरशाही और टेलरिस्ट आदेश मॉडल से पूर्णतः भिन्न है। वह दिखाती हैं कि सहयोग और समेकित समाधान संगठनात्मक प्रदर्शन और मानव संतोष दोनों को बढ़ाते हैं।
आलोचना (Criticisms)
- फोलेट के विचार कभी-कभी आदर्शवादी माने जाते हैं, जो उच्च स्तर के सहयोग और विश्वास पर आधारित हैं।
- Power-With रणनीतियों को कठोर पदानुक्रम वाले नौकरशाहिक संगठनों में लागू करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
- उनके सिद्धांत गुणात्मक हैं और मात्रात्मक मापन में कठिन, जिससे अनुभवजन्य सत्यापन कठिन होता है।
फिर भी, फोलेट का कार्य आधुनिक विवाद प्रबंधन, संगठनात्मक व्यवहार और सहभागी शासन में अत्यंत प्रभावशाली है।
समकालीन प्रासंगिकता
- संगठनात्मक विकास: टीम-बिल्डिंग, सहमति प्रबंधन और सहयोगी समस्या-समाधान में फोलेट के सिद्धांत मार्गदर्शक हैं।
- नेतृत्व प्रशिक्षण: आधुनिक नेतृत्व कार्यक्रम उनके सुनने, मध्यस्थता और Power-With रणनीतियों पर जोर देते हैं।
- सार्वजनिक प्रशासन: नीति निर्माण और प्रशासनिक सुधार अब हितधारकों की भागीदारी और सहभागी निर्णय लेने को महत्व देते हैं।
- विवाद समाधान: फोलेट के सिद्धांत आधुनिक मध्यस्थता, वार्ता और पुनर्स्थापना प्रथाओं में उपयोग होते हैं।
फोलेट ने विवाद को गतिशील और रचनात्मक प्रक्रिया माना, जो अनुकूल और मानव-केंद्रित संगठनात्मक शासन में सहायक है।
निष्कर्ष (Conclusion)
मैरी पार्कर फोलेट ने प्रशासनिक सिद्धांत में विवाद की समझ को क्रांतिकारी रूप से बदला। उन्होंने विवाद को दबाने की समस्या नहीं, बल्कि समेकित समाधान का अवसर बताया। उनके विचार जैसे कि Power-With, सहभागी नेतृत्व और हित-आधारित समाधान मानव-केंद्रित प्रशासन, सहयोग और रचनात्मक समस्या-समाधान को बढ़ावा देते हैं। फोलेट की विरासत आधुनिक संगठनात्मक व्यवहार, सहभागी प्रबंधन और सार्वजनिक प्रशासन में आज भी महत्वपूर्ण है, यह दिखाते हुए कि सफल नेतृत्व केवल प्रभुत्व नहीं, बल्कि विविध दृष्टिकोणों को सामंजस्यपूर्ण समाधान में बदलने की क्षमता है।
References / Suggested Readings
- Mary Parker Follett – Dynamic Administration (1941)
- Mary Parker Follett – The New State (1918)
- Nicholas Henry – Public Administration and Public Affairs
- Fadia & Fadia – Public Administration
- Prasad & Prasad – Administrative Thinkers
- Stephen P. Robbins – Organizational Behavior
FAQs
Q1. फोलेट का विवाद समाधान दृष्टिकोण क्या है?
वह विवाद को रचनात्मक मानती हैं और हितों के समेकन के माध्यम से समाधान की वकालत करती हैं।
Q2. Power-With और Power-Over में क्या अंतर है?
Power-Over पदानुक्रम और नियंत्रण है, जबकि Power-With सहयोग, साझा अधिकार और संयुक्त समस्या-समाधान पर आधारित है।
Q3. फोलेट आज के सार्वजनिक प्रशासन में क्यों प्रासंगिक हैं?
उनके सिद्धांत सहभागी शासन, हितधारक सहभागिता, विवाद समाधान और मानव-केंद्रित नेतृत्व को मार्गदर्शन देते हैं, जिससे प्रशासन अधिक अनुकूल और सहयोगी बनता है।