जेंडर और ‘क्रिटिकल टर्न’: अंतरराष्ट्रीय संबंध कहाँ समझता है
जेंडर और ‘क्रिटिकल टर्न’: अंतरराष्ट्रीय संबंध कहाँ समझता है (Gender and the ‘Critical Turn’: Where IR Does Understand) अंतरराष्ट्रीय संबंध (IR) में आया ‘क्रिटिकल टर्न’ परंपरागत, प्रत्यक्षवादी (positivist), राज्य-केंद्रित और समस्या-समाधान उन्मुख दृष्टिकोणों से एक महत्वपूर्ण विचलन को दर्शाता है। नारीवाद, उत्तर-संरचनावाद, उत्तर–औपनिवेशिक सिद्धांत, मार्क्सवाद और क्रिटिकल सिक्योरिटी स्टडीज़ जैसी आलोचनात्मक धाराएँ IR की उन…