नौकरशाही (Bureaucracy): मैक्स वेबर, कार्ल मार्क्स और विलियम निस्कानेन
भूमिका (Introduction)
नौकरशाही आधुनिक शासन और प्रशासन का एक महत्वपूर्ण मॉडल है, जो व्यवस्थित, नियम-आधारित और पदानुक्रमित संरचना प्रदान करता है। इसकी व्याख्या विभिन्न विद्वानों ने अलग-अलग दृष्टिकोण से की है। मैक्स वेबर ने इसे एक आदर्श तर्कसंगत मॉडल के रूप में देखा, जिसमें दक्षता और नियमों के पालन पर जोर है। कार्ल मार्क्स ने इसे सामाजिक और आर्थिक शक्ति के उपकरण के रूप में विश्लेषित किया। वहीं विलियम निस्कानेन ने इसे आर्थिक और राजनीतिक लाभ के संदर्भ में समझाया।

तीनों दृष्टिकोण भिन्न हैं, लेकिन केंद्रीय तत्व समान है: नौकरशाही एक केंद्रीकृत, नियम-केंद्रित और संगठित प्रशासनिक संरचना है।
मैक्स वेबर: आदर्श प्रकार की नौकरशाही
मैक्स वेबर (1864–1920) ने नौकरशाही को वैज्ञानिक, तर्कसंगत और पदानुक्रमित प्रशासनिक मॉडल के रूप में देखा। वेबर के अनुसार, नौकरशाही की मुख्य विशेषताएँ हैं:
- पदानुक्रम (Hierarchy of Authority): प्रत्येक स्तर पर स्पष्ट अधिकार और जिम्मेदारी।
- नियम और कानून (Rules and Regulations): प्रशासनिक क्रियाएँ पूर्वनिर्धारित नियमों के अनुसार होती हैं।
- विशेषज्ञता (Technical Competence): कार्य का विभाजन और प्रशिक्षित कर्मी।
- योग्यता आधारित नियुक्ति (Merit-based Appointment): पदों पर चयन योग्य और दक्ष कर्मियों के आधार पर।
- निष्पक्षता (Impersonality): निर्णय व्यक्तिगत पक्षपात से स्वतंत्र।
वेबर के शब्दों में:
“Bureaucracy is the means of transforming social action into rationally organized, rule-governed, and predictable administration.”
उनके अनुसार नौकरशाही दक्षता, निरंतरता और तर्कसंगतता सुनिश्चित करती है और आधुनिक राज्य का अपरिहार्य घटक है।
कार्ल मार्क्स: नौकरशाही और शक्ति संरचना
कार्ल मार्क्स (1818–1883) ने नौकरशाही को केवल प्रशासनिक संरचना नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक सत्ता के उपकरण के रूप में देखा। उनके अनुसार:
- नौकरशाही शासक वर्ग के हितों की रक्षा करती है।
- यह सामाजिक असमानता बनाए रखने में सहायक होती है।
- पदानुक्रम और नियम-केंद्रित संरचना श्रमिक वर्ग पर नियंत्रण सुनिश्चित करती है।
मार्क्स के दृष्टिकोण में नौकरशाही निष्पक्ष नहीं है; यह सत्ताधारी वर्ग के हितों की रक्षा करती है।
विलियम निस्कानेन: बजट-अधिकतमकरण का मॉडल
विलियम निस्कानेन (1933–2011) ने नौकरशाही को आर्थिक और राजनीतिक दृष्टि से देखा। उनके Budget-Maximizing Model के अनुसार, सरकारी एजेंसियाँ अपने बजट और शक्ति को अधिकतम करने के लिए कार्य करती हैं, अक्सर सार्वजनिक हित से अधिक अपने संगठनात्मक लाभ पर ध्यान देती हैं।
मुख्य बिंदु:
- एजेंसियाँ संसाधनों और बजट का विस्तार करने का प्रयास करती हैं।
- निर्णय राजनीतिक और व्यक्तिगत प्रोत्साहनों से प्रभावित होते हैं।
- नौकरशाही केवल नियमों से नहीं, बल्कि आर्थिक और राजनीतिक प्रोत्साहनों से भी संचालित होती है।
निस्कानेन के शब्दों में:
“Bureaucrats seek to maximize their agency’s budget to increase their own utility and influence within the political system.”
तुलना: वेबर, मार्क्स और निस्कानेन
| पहलु | मैक्स वेबर | कार्ल मार्क्स | विलियम निस्कानेन |
|---|---|---|---|
| दृष्टिकोण | आदर्श तर्कसंगत मॉडल | सामाजिक और आर्थिक शक्ति | बजट-अधिकतमकरण, आर्थिक-राजनीतिक |
| मुख्य फोकस | पदानुक्रम, नियम, दक्षता | वर्ग नियंत्रण, सत्ता संरचना | एजेंसी का विकास, रणनीतिक लाभ |
| मानव दृष्टिकोण | निष्पक्ष और तटस्थ | वर्ग संघर्ष से प्रभावित | लाभ-उन्मुख, रणनीतिक निर्णय |
| प्रमुख योगदान | प्रशासनिक दक्षता और संगठन | सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव | आर्थिक प्रोत्साहन और एजेंसी व्यवहार का विश्लेषण |
आलोचना
- वेबर: आदर्श रूप व्यवहार में कठोर, लचीलेपन की कमी।
- मार्क्स: अत्यधिक नकारात्मक, केवल शक्ति संघर्ष पर ध्यान।
- निस्कानेन: आर्थिक लाभ पर अत्यधिक जोर, सार्वजनिक सेवा की नैतिकता कम आंका।
समकालीन प्रासंगिकता
आधुनिक प्रशासन में नौकरशाही तीनों दृष्टिकोणों से प्रभावित है:
- वेबर: पदानुक्रम, नियम, दक्षता।
- मार्क्स: सत्ता संरचना और राजनीतिक प्रभाव।
- निस्कानेन: संसाधन प्रबंधन और एजेंसी के आर्थिक-सांस्कृतिक पहलू।
नौकरशाही आज भी व्यवस्था, नियंत्रण और जवाबदेही सुनिश्चित करने वाला केंद्रीय ढांचा है, जबकि आधुनिक सुधार नागरिक-केंद्रित और नैतिक प्रशासन को जोड़ते हैं।
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निष्कर्ष
नौकरशाही बहुआयामी अवधारणा है। वेबर ने इसे आदर्श और दक्ष संगठन के रूप में देखा; मार्क्स ने इसे वर्ग और सत्ता नियंत्रण के उपकरण के रूप में; निस्कानेन ने इसे आर्थिक और राजनीतिक लाभ के संदर्भ में समझाया। इन सभी दृष्टिकोणों ने नौकरशाही को संगठन, सत्ता और प्रोत्साहन के तीन स्तंभों से समझने में मदद की।
References / Suggested Readings
- Max Weber – Economy and Society
- Karl Marx – Capital: Critique of Political Economy
- William Niskanen – Bureaucracy and Representative Government
- Nicholas Henry – Public Administration and Public Affairs
- Fadia & Fadia – Public Administration
- Prasad & Prasad – Administrative Thinkers
FAQs
Q1. Bureaucracy क्या है?
नौकरशाही एक व्यवस्थित, नियम-केंद्रित और पदानुक्रमित प्रशासनिक संरचना है जो दक्षता और नियंत्रण सुनिश्चित करती है।
Q2. वेबर, मार्क्स और निस्कानेन में क्या अंतर है?
वेबर: आदर्श दक्षता-केंद्रित मॉडल।
मार्क्स: शक्ति और वर्ग नियंत्रण का उपकरण।
निस्कानेन: आर्थिक और राजनीतिक प्रोत्साहनों पर आधारित व्यवहार।
Q3. नौकरशाही आज भी क्यों महत्वपूर्ण है?
क्योंकि यह प्रशासनिक नियंत्रण, जवाबदेही और संगठनात्मक समन्वय सुनिश्चित करती है, साथ ही राजनीतिक और आर्थिक प्रभावों को भी दर्शाती है।