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    भूमिका आधुनिक राजनीतिक सिद्धांत और लोकतांत्रिक व्यवहार में नागरिक समाज राज्य, बाजार और निजी जीवन (परिवार/समुदाय) के बीच स्थित एक केंद्रीय क्षेत्र के रूप में उभरता है। यह उन स्वैच्छिक संगठनों, सामाजिक आंदोलनों, गैर-सरकारी संगठनों, पेशेवर निकायों, धार्मिक/आस्था-आधारित समूहों और अनौपचारिक नेटवर्कों का समुच्चय है जो हितों का अभिव्यक्तिकरण करते हैं, नागरिकों को संगठित करते…

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    जेंडर, संघर्ष और बलात् प्रवासन (Gender, Conflict and Forced Migration) बलात् प्रवासन (Forced Migration) समकालीन वैश्विक राजनीति में हिंसक संघर्षों का सबसे प्रत्यक्ष और गंभीर परिणाम है। युद्ध, गृहयुद्ध, जातीय हिंसा और राजनीतिक दमन के कारण लाखों लोग अपने घरों से विस्थापित होकर सीमाओं के पार या अपने ही देशों के भीतर शरण लेने को…

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    (Coalition Politics) गठबंधन राजनीति उस राजनीतिक व्यवस्था को दर्शाती है जिसमें दो या अधिक राजनीतिक दल मिलकर सरकार का गठन करते हैं, प्रायः इसलिए कि कोई भी एक दल विधायिका में स्पष्ट बहुमत प्राप्त नहीं कर पाता। यह राजनीति विशेष रूप से बहुदलीय लोकतंत्रों में उभरती है, जहाँ सामाजिक विविधता, क्षेत्रीय अस्मिताएँ और चुनावी प्रणालियाँ…

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    समानता सामाजिक, आर्थिक, नैतिक व राजनीतिक दर्शन संबंधी मूल संकल्पनाओं में, समानता की संकल्पना से आधिक भ्रामक और विस्मयकारी कोई और नहीं, क्योंकि यह न्याय, स्वतंत्रता, अधिकार, स्वामित्व, आदि सदृश अन्य सभी संकल्पनाओं में गण्य है। गत दो हजार वर्षों के दौरान, यूनानवासियों, प्राचीन यूनानी दर्शनशास्त्र के अध्येताओं, ईसाई पादरियों द्वारा समानता के अनेक आयामों का विस्तारपूर्वक प्रतिवादन किया गया, जिन्होंने भिन्न-भिन्न रूप से और सामूहिक रूप…