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    लोकतांत्रिक व्यवस्था में राजनीतिक दल और चुनावी राजनीति प्रतिनिधि शासन की बुनियाद होते हैं। किंतु जम्मू और कश्मीर के संदर्भ में चुनाव और राजनीतिक प्रतिनिधित्व कभी भी केवल नियमित लोकतांत्रिक प्रक्रियाएँ नहीं रहे। यहाँ चुनावों की वैधता (legitimacy) और प्रतिनिधित्व का प्रश्न लगातार विवाद, संदेह और राजनीतिक टकराव से घिरा रहा है। ऐतिहासिक हस्तक्षेप, लोकतांत्रिक…

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    सुरक्षा, निगरानी और अपवाद की अवस्था

    (Security, Surveillance and the State of Exception) सुरक्षा आधुनिक राज्य के सबसे शक्तिशाली संगठनात्मक सिद्धांतों में से एक बन चुकी है। समकालीन राजनीति में राज्य आतंकवाद, अपराध, प्रवासन और अव्यवस्था जैसे खतरों से समाज की रक्षा के नाम पर असाधारण शक्तियों को正 ठहराते हैं। आलोचनात्मक राजनीतिक सिद्धांत का तर्क है कि सुरक्षा कोई तटस्थ या…

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    लोकतंत्र, विकास और मानव अधिकार: भारत

    (भारतीय संदर्भ) लोकतंत्र, विकास और मानव अधिकार—ये तीनों अवधारणाएँ भारतीय राजनीतिक और संवैधानिक अनुभव के मूल में स्थित हैं। ये परस्पर गहराई से जुड़ी हुई हैं, परंतु इनके बीच सामंजस्य हमेशा सहज नहीं रहा है। भारत एक ऐसा उदाहरण प्रस्तुत करता है जहाँ दीर्घकालिक लोकतांत्रिक व्यवस्था के साथ-साथ गंभीर सामाजिक–आर्थिक असमानताएँ, असमान विकास और निरंतर…

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