मौलिक अधिकार एवं राज्य के नीति-निर्देशक सिद्धांत
भूमिका भारतीय संविधान केवल शासन की संरचना निर्धारित करने वाला दस्तावेज़ नहीं है, बल्कि यह एक नैतिक और दार्शनिक परियोजना है, जिसका उद्देश्य स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के बीच संतुलन स्थापित करना है। इस परियोजना का सर्वाधिक सशक्त रूप मौलिक अधिकारों और राज्य के नीति-निर्देशक सिद्धांतों के बीच संबंध में दिखाई देता है। दोनों मिलकर…