लोकतंत्र और बहुलतावाद की चुनौतियाँ
आधुनिक समाजों की एक प्रमुख विशेषता बहुलतावाद (Pluralism) है, अर्थात् एक ही राजनीतिक समुदाय के भीतर विभिन्न संस्कृतियों, धर्मों, भाषाओं, पहचानों, मूल्यों और जीवन-पद्धतियों का सह-अस्तित्व। लोकतंत्र, जिसे सामान्यतः “जनता का शासन” कहा जाता है, को इसी विविधता की परिस्थिति में कार्य करना पड़ता है। यद्यपि बहुलतावाद लोकतांत्रिक जीवन को समृद्ध बनाता है, फिर भी…