श्रमण परंपरा (Sramana Tradition) क्या है? इसका उदय और प्राचीनता
Sramana Tradition “IT’S HISTORY AND CONTRIBUTION TO INDIAN CULTURE” BY: G.C. PANDE श्रमण परंपरा श्रमण परंपरा को वेदों के अधिकार में विश्वास नहीं था न ही वे व्यक्तिगत निर्माण के अर्थ में नियति का निर्धारण करने वाले भगवान के अस्तित्व में विश्वास करते थे। अर्थात इसी कारण से बाद में श्रमण दर्शन का वर्णन नास्तिक…